Wednesday, October 12, 2011

जिसमे मेरा हित हो दाता, ऐसा जीवन देओ विधता



जिसमे मेरा हित हो दाता, ऐसा जीवन देओ विधता


हे ईश्वर तेरी सत्ता को कौन
चुनोती दे सकता है
तुझसे जन्मा प्राणी
तुझमे ही तो लेने ही जाता है

क्या चुनोती दे सकती तुम को मे नादान
याचक बन बस विनती करा सकती तुझसे
हे परमेश्वर
थक गई हूँ
तेरे इम्तहान देकर
इतना भी न ले अग्ने परीक्षा
टूट जाये धरा
छुट जाये तेरा रास्ता ab
अब तू एक कृपा कर दे
आज तू बस
अपने दया द्रष्टि कर दे
देखा प्रभु
मजधार में फँसी मेरी जीवन नैया
अब तू
पार इसे कर दे
हो जाऊ न निसेहाए
अब मान जा तू सुनले
हे प्रभु
तू मेरे साथ चल
मेरा रास्ता बन
मंजिल तू दिखा
आप साथी तू mera ban

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